शनिवार, 16 जनवरी 2010

नास्त्रेदमस, नारायण दत्त श्रीमाली की भविष्यवाणी और संगीतापुरी का तुक्का

इस पोस्ट को लिखने की प्रेरणा मुझे संगीतापुरी जी की भूकंप संबंधी भविष्यवाणी से मिली उनके द्वारा दी गयी समय सीमा के अन्दर हैती में भूकंप आ गया । यद्यपि घटना दुखद थी किन्तु आनेवाली घटना का पूर्व अनुमान लगा लेने के लिए संगीताजी साधुवाद की पात्र हैं। आने वाली घटनाओं का पूर्वानुमान लगा कर तदनुसार अपनी रणनीति तैयार की जा सकती है।

सोलहवीं सदीके भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियाँ तो प्रसिद्ध हैं ही। यदि किसी व्यक्ति द्वारा की गयी भविष्यवाणियाँ बार बार सच साबित हो रही हों तो उसे तुक्का या संयोग मान कर नजरंदाज नहीं किया जा सकता। हमें उस विधा की दाद देनी चाहिए जो सटीक पूर्वानुमान लगाने में सक्षम है।

१९ जून १९६९ के दैनिक हिन्दुस्तान में प्रसिद्ध ज्योतिषी नारायण दत्त श्रीमाली की भविष्यवाणियाँ छपी थीं:
- १९७२ के आम चुनावों में कांग्रेस विजयी होगी.
-१९६९ का उत्तरार्ध और १९७० का पूर्वार्ध अरब राष्ट्रों विशेषकर राष्ट्रपति नासिर के लिए संकटों और संघर्षों का रहेगा।
-श्रीमती जेक्वेलिन( पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति केनेडी की पूर्व पत्नी) और ओनासिस (उसके नए पति) का तलाक १० जून १९७३ से ८ अगस्त १९७४ के बीच हो जाएगा.
ये भविष्यवाणी सच साबित हुईं . लेकिन १९७५ तक भारत-पाक महासंघ बन जाने की भविष्यवाणी गलत निकली।
अब इसमें कितना तुक्का था और कितनी गणना , यह श्री श्रीमाली ही जानें।

समय समय पर और विशेष रूप से वर्ष के प्रारम्भ में ज्योतिषियों द्वारा अनेक भविष्यवाणीयाँ की जाती हैं जिनमें कुछ सच निकलती हैं और कुछ झूठ। जिनकी अधिकतर भविष्यवाणी सच निकले उनकी भविष्यवाणी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, चाहे वह तुक्का ही क्यों न हो।

15 टिप्‍पणियां:

  1. मानो तो मैं गंगा माँ हूँ, न मानो तो बहता पानी!!

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  2. मानो तो मैं गंगा माँ हूँ, न मानो तो बहता पानी!!

    sameer ji ne in panktiyon men sab kuchh kah diya, samajhdaar ko ishaara kafi hai.

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  3. कभी कभी कोई साक्ष्य न होने के कारण या यूँ कहें कोई वैगयानिक तथ्य न होने के कारण विश्वाल जल्दी से नही होता ......... इसलिए इस विधा को वैगयानिक रूप से विकसित करने की आवश्यकता है .......... जिससे इसकी प्रामाणिकता समाज में बढ़े .....

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  4. भले ही लोग मानते हैं कि वे विज्ञान पद्धति पर विश्‍वास करते हैं .. और तर्क और विश्लेषण में जो खरी उतरती हों .. उसपर विश्‍वास करते हो .. पर उनके मूल में यह बात नहीं है .. अपनी किसी सत्‍यता को प्रमाणित करने के लिए वे विदेशी विश्‍व विद्यालयों में हुए सर्वे का हवाला देते हैं .. क्‍या हमारे देश में वैज्ञानिक नहीं .. क्‍या अपने देश में पैसा नहीं .. क्‍या अपने देश में बुद्धि की कमी है .. कल तक पूरे विश्‍व से विद्यार्थी यहां पढने को आया करते थे .. हमारे परंपरागत ज्ञान को समाप्‍त करने का विदेशियों ने पूरी व्‍यवस्‍था की .. इसके बाद भी हम हर मामले में उनका ही मुंह देख रहे हैं .. वास्‍तव में वर्षों से गुलाम रहने की हमें जो आदत पड गयी है .. वो इतनी आसानी से जाने वाली नहीं !!

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  5. yah jaruri nahi har bhavishayvani sahi sabit ho... jyotish par bharosa rakhna chahiye........

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  6. काबिले-गौर है कि जब आयकर के उड़नदस्ते ने इन्हीं श्रीमाली के दफ्तर पर छापा मारा था उस समय वे एक राष्ट्रीय पत्रिका के माध्यम से दुनिया भर की जनता का मासिक भविष्य लिख रहे थे. कभी गौर कीजिएगा कि नोस्त्रादामस की भी सिर्फ वही भविष्यवाणियाँ सही हुई हैं जो भूत में थीं. मतलब यह कि जब कुछ घट जाता है तो लोग नोस्त्रादामस के लिखे को वहां फिट कर देते हैं.

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  7. अभी परसों देखा था क्या मंत्र और तर्क का युद्ध इन्डिया टीवी पर =जल बरसाने हवन किया गया था वह भी याद होगा और स्व० इन्दिरा जी के जमाने मे एक सन्त ने ये कहा था मै इन्हे प्रधान मंत्री बना सकता हूं तो हटा भी सकता हूं बाद मे उन संत को हथकड़ी पहने भी देखा ।भविष्यवाणी की सत्यता से इन्कार नही है मगर दिग्विजय सिंह जी से भी कहा मुख्यमंत्री बनोगे और यही शिवराजसिंह जी से भी कहा ।पचास प्रतिशत भविष्यवाणी सत्य हो गई ।

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  8. jo maan leeje,
    to Bhagwaan-sa lage but bhi
    magar, naa maano,
    to patthar dikhaaee deta hai

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  9. वैसे तो मुफ्लिस जी ने भी सही कहा मगर संगीता जी बहुत बार सफल भविश्यवाणी कर चुकी हैं। धन्यवाद्

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  10. भरोसे और विश्‍वास के लिए तो मन ही होता है जो मानता है.

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  12. agar me kahoon ki ap bahar kal bahar niklenge to mar jayenge ..or aap ghar se bahar hi nahi nikle to phir...kaun sahi hua or kaun jhootha...!!

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  13. Pandey ji, How can i contact you by email ? I need your 2 minutes. You can mail me at xbullion@gmail.com

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